हार के साथ खत्म हुआ बांग्लादेश का सफर, कप्तान मुर्तजा बोले – शाकिब हमें माफ कर दीजिए

अंतिम लीग मैच में पाकिस्तान के हाथों मिली हार के बाद बांग्लादेश का आईसीसी विश्वकप 2019 में जीत के साथ विदाई लेने का सपना अधूरा रह गया. अंतिम मैच में बांग्लादेश को 94 रन से हार का दर्द झेलना पड़ा. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए इमाम उल हक के 100 तथा बाबर आजम के 96 रनों की बदौलत 50 ओवरों में नौ विकेट खोकर 315 रन बनाए. जवाब में बांग्लादेश की पूरी टीम 44.1 ओवर में 221 रनों पर सिमट गई.

मैच के बाद बांग्लादेश के कप्तान मशरफे मुर्तजा ने अपने साथी खिलाड़ी शाकिब अल हसन से माफी मांगी. मुर्तजा ने कहा, “मुझे लगता है कि शाकिब ने अंतिम दो मैचों में शानदार बैटिंग की है लेकिन हम उनका साथ नहीं दे सके. विकेट हमारे लिए भी अनुकूल था, लेकिन हम लक्ष्य का पीछा नहीं कर सके. मैं शाकिब से इसके लिए माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि अगर हम थोड़ा और आगे आकर मेहनत करते तो परिणाम कुछ और हो सकते थे. उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग सभी अच्छे से की. वह लाजवाब रहे.”

आईसीसी विश्व कप-2019 में शाकिब अल हसन का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा. इस मैच में भी शाकिब ने 64 रनों की पारी खेली. इसी के साथ वह इस विश्वकप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने.

शाकिब ने आठ मैचों की आठ पारियों में 606 रन बनाए. इस विश्वकप में उन्होंने दो शतक और पांच अर्धशतक जमाए. वह हालांकि टूर्नामेंट खत्म होने तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजी की सूची में पहले स्थान से हट सकते हैं, क्योंकि दूसरे स्थान पर भारत के रोहित शर्मा हैं तो तीसरे पर ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर. रोहित के 544 रन हैं और वार्नर के 516. भारत और आस्ट्रेलिया दोनों ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं और रोहित तथा वार्नर दोनों शानदार फॉर्म में हैं.

शाकिब ने गेंद से भी अच्छा योगदान दिया और आठ मैचों में 11 विकेट लिए. वह मैन ऑफ द सीरीज के प्रबल दावेदारों में से एक हैं. मैच के बाद मुर्तजा ने कहा कि शाकिब बेहतरीन खेले लेकिन बाकी टीम उनका साथ नहीं दे पाई.

मुर्तजा ने साथ ही माना की टीम की खराब फील्डिंग ने भी काफी नुकसान पहुंचाया. मुर्तजा ने कहा, “कुछ अहम मैचों में हमारी फील्डिंग अच्छी नहीं थी. इससे हमें काफी नुकसान हुआ. हम संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि हम विश्व कप का अच्छा अंत कर सकते थे, लेकिन कई बार आपको किस्मत की भी जरूरत होती है, लेकिन वो हमारे साथ नहीं थी.”