वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप: मैरी कॉम का सपना टूटा, सेमीफाइनल में हारकर कांस्य से करना पड़ा संतोष

रूस के उलान उदे शहर में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शनिवार को छह बार की चैम्पियन एमसी मैरीकॉम (51 किलो) के सेमीफाइनल में हार गईं। इस तरह अब उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ेगा।सेमीफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त तुर्की की बुसेनाज साकिरोग्लू से 1-4 के अंतर से हराते हुए मैरी कॉम विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने सातवें गोल्ड मेडल से चूक गईं। हलांकि सेमीफाइनल में मैरी कॉम को बुसेनाज से मिली हार के खिलाफ भारत ने मैच रेफरी के निर्णय के खिलाफ अपील दर्ज कराई है।

इसके पहले सेमीफाइनल में पहुंचते ही वह महिला विश्व चैम्पियनशिप के इतिहास की सबसे सफल मुक्केबाज बनीं थीं, जब उन्होंने सेमीफाइनल में पहुंचकर आठवां पदक पक्का किया था। मैरी कॉम ने क्वार्टरफाइनल में कोलंबिया की इंगोट वालेंसिया को 5-0 से मात देते हुए सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही मैरी कॉम ने अपना कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया था।

48 किलोग्राम भारवर्ग में छह बार विश्व चैम्पियन रह चुकीं मैरी का यह 51 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व चैम्पियनशिप में पहला पदक है। वह हालांकि, इस भारवर्ग में 2014-एशियाई खेलों में स्वर्ण और 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। साथ ही इसी भार वर्ग में मैरी ने लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य जीता था।

मैरीकॉम ने ओलंपिक कांस्य पदक (2012), पांच एशियाई खिताब, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण भी जीता है। इस साल उन्होंने गुवाहाटी में इंडिया ओपन और इंडोनेशिया में प्रेसिडेंट ओपन में स्वर्ण पदक जीता। वह राज्यसभा सदस्य भी है।