चार महीने से बंद श्रीनगर-लेह हाईवे को खोला गया, फिलहाल जरूरी सामान ले जा रहे गाड़ियों को इजाजत

चार महीने तक बंद रहने के बाद श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू कर दी गई है. फिलहाल सड़क पर सिर्फ ज़रूरी सामान लेकर जाने वाले ट्रक और पेट्रोल टैंकर्स को चलने की अनुमति होगी. पैसेंजर गाड़ियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं जिससे कश्मीर में फंसे लद्दाख निवासी नाखुश हैं.

जारी निर्देशों के अनुसार प्रतिबंध के बावजूद भी अगर कोई पैसेंजर गाड़ी या व्यक्ति लद्दाख में दाखिल होने की कोशिश करेगा तो उसको द्रास के पास बने क्वॉरन्टीन सेंटर में नज़रबंद कर दिया जाएगा और यह नज़रबंदी 28 दिन की होगी.

प्रिंसिपल सेक्रेटरी रिगजिन सेम्फाल के अनुसार लद्दाख में न सिर्फ लॉकडाउन है बल्कि साथ-साथ एपिडेमिक एक्ट और धारा 144 में लागू है. इसलिए श्रीनगर-लेह राजमार्ग के खुल जाने का कोई भी व्यक्ति इसका गलत इस्तेमाल करनी की गलती न करे.

सेम्फाल के अनुसार इस राजमार्ग को बहुत पहले यातायात योग्य बनाया गया था और ज़ोजिल्ला पर भारी बर्फ को काट कर सड़क तैयार थी लेकिन कारगिल और लेह में बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों के होने और बाहर से संक्रमण के आने के खतरे को देखते हुए सड़क को नहीं खोला गया.

इसके लिए वजह यह है कि अगले 7 महीनो में सड़क के रस्ते लद्दाख के लिए ज़रूरी सामान की आपूर्ति और स्टॉकिंग करनी ज़रूरी है. मौसम में सुधार के साथ ही HPCL और IOC ने क्षेत्र के लिए ज़रूरी 2.5 करोड़ लीटर पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की आपूर्ति शुरू कर दी है. इसके साथ साथ ताज़ा सब्जी, और राशन का सामान भी लोगों के लिए आने लगेगा. लेकिन इस रस्ते के खुल जाने से लद्दाख के लिए सामान ले जाने में बहुत आसानी होगी. फिलहाल लद्दाख का बाकी देश दुनिया से केवल सेना के हवाई जहाज़ के जरिए संपर्क है.

लद्दाख के डिविजनल कमिश्नर सौगता बिस्वास ने इसके लिए ऐसे वाहनों की सूची भी जारी की है जिनको आने वाले दिनों में सड़क में चलने की अनुमति होगी. इन में राशन, ऑयल टैंकर्स, पुलिस और सेना की गाड़ियां शामिल हैं.

लेकिन सामान लाने वाले वाहनों और उनके चालकों की भी लद्दाख में एंट्री पर कोरोना जांच होगी. यह जांच मिनिमर्ग में होगी और अगर कोई भी संक्रमित पाया गया तो उसको वहीं पर रोका जाएगा और क्वॉरंटीन में भेज दिया जाएगा.

हालांकि, इस फैसले से कश्मीर में फंसे लद्दाख के सेंकड़ों लोग जिन में विद्यार्थी, कारोबारी और सरकारी कर्मचारी भी शामिल है, वे नाखुश हैं. इनका कहना है कि सड़क के खुलने का फायदा उन्हें भी मिलना चाहिए और सामान के ट्रक के साथ साथ इनको भी वापस घर जाने दिया जाए. इसके लिए वे कोरोना टेस्ट करवाने को भी तयार हैं.

बाकी देश के विपरीत लद्दाख में संक्रमण को काफी हद्द तक रोकने में प्रशासन कामयाब रही है और इस समय लदाख में चार लोग कोरोना पॉजिटिव हैं. इनमें से भी दो कारगिल निवासियों का टेस्ट एक बार नेगेटिव आ चुका है और अब दूसरे टेस्ट का इंतजार है. ऐसे में प्रशासन कोई भी जोखिम उठाने को तयार नहीं और इसीलिए फिलहाल लोगों की प्रदेश में आवाजाही पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी.