उधमपुर में पृथक केंद्र में रह रहे 100 वर्षीय व्यक्ति की मौत, कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया

जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में एक पृथक केंद्र में 100 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई लेकिन कोविड-19 जांच रिपोर्ट में वह संक्रमित नहीं पाया गया। उधमपुर के जिला विकास आयुक्त पीयूष सिंगला ने रविवार को बताया कि बुजुर्ग और उसके भाई को एहतियाती कदम के तौर पर कुछ दिन पहले पृथक केंद्र ले जाया गया था। ऐसा मालूम चला था कि वे माघेनी गांव में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति संपर्क में आए थे। सिंगला ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘उन्होंने (बुजुर्ग) शनिवार रात को अंतिम सांस ली और उनकी जांच रिपोर्ट आने तक प्रोटोकॉल के अनुसार उनका शव जिला अस्पताल ले जाया गया। रविवार सुबह रिपोर्ट प्राप्त हुई और उसमें वह संक्रमित नहीं पाए गए।’’ जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस से अभी तक दो लोगों की मौत हुई है जबकि कश्मीर में 69 और जम्मू में 21 लोग संक्रमित पाए गए हैं। तीन मरीज स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सिंगला ने कहा, ‘‘बुजुर्ग को बीमारी के लक्षण नहीं थे और उनकी उम्र तथा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने को ध्यान रखते हुए उन्हें सबसे अच्छे पृथक केंद्र में ले लाया गया था। उन्हें उम्र संबंधी दिक्कतों के अलावा कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं थी।’’ उधमपुर में नारसू गांव के तीन लोग शनिवार को संक्रमित पाए गए। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट ने नारसू और चुंटी गांवों को रेड जोन के तौर पर घोषित कर दिया तथा उनके आसपास के गांवों को बफर जोन घोषित कर दिया। सिंगला ने एक आदेश में कहा, ‘‘इन गांवों में कोई व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं आ-जा सकेगा और लोगों को अपने घरों में रहना होगा। यहां पूरी तरह से लॉकडाउन होगा। इन गांवों को जोड़ने वाली अंदरूनी गलियों या सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नहीं होगी।’’ उन्होंने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिया कि प्रोटोकॉल के अनुसार इन गांवों में आवश्यक सामान की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।