सरकार ने गूगल, Twitter, Whatsapp से कहा,अशांति फैलाने वाले संदेशों,अफवाहों पर रखें नजर

सरकार ने गूगल, ट्विटर, व्हट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कहा है कि वह अशांति फैलाने वाले संदेशों, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

सरकार ने तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कहा है कि उन्हें ऐसे संदेशों, साइबर अपराधों और ऐसी अन्य गतिविधियों को फैलने से रोकने के लिए कड़ी निगरानी की करनी चाहिए जिनसे जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचता हो.

अधिकारियों ने इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कहा है कि वह ऐसी प्रणाली भी तैयार रखें जिसमें जांच के सिलसिले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा मांगी जाने वाली सूचना तुरंत उपलब्ध हो. सोशल मीडिया प्लेटफार्म में फेसबुक और इंस्टाग्राम भी शामिल हैं.

हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें सोशल मीडिया में जारी किए गए घृणा फैलाने वाले संदेशों की वजह से हिंसा की वारदातें हुई हैं.

इसमें कई संदेश महिलाओं के खिलाफ भी जारी हुए हैं लेकिन इंटरनेट क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां जिनमें से कइयों के मुख्यालय भारत से बाहर हैं — जरूरी जानकारी देने से पीछे हटती रहीं हैं. सरकार ने घृणा फैलाने वाले संदेश भेजने वालें और उसे आगे प्रसारित करने वाले तमाम लोगों की जानकारी मांगी, लेकिन निजता का हवाला देते हुए कंपनियों ने यह जानकारी देने से इनकार किया.

हालांकि, कुछ सोशल मीडिया फर्मों ने कहा है कि वह झूठी खबरों, अफवाहों और घृणा भरे संदेशों का उनके प्लेटफार्म से प्रसारित होने से रोकने के लिये जरूरी कदम उठा रहे हैं.

विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने उनसे भारत में शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने को कहा है. उनसे कहा गया है कि वह अपने साइट से आपत्तिजनक संदेशों और सामग्री को हटाने के लिये समयबद्ध कारवाई के बारे में प्रणाली विकसित करें.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने इस मामले में सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है. इन सोशल साइटों के प्रतिनिधियों ने उठाये गये कदमों के बारे में सरकार को जानकारी भी दी है.