J&K: बारामुला में पकड़े गए आतंकी पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर के निर्देश पर करते थे काम

उत्तरी कश्मीर में लश्कर-ए-ताइबा के दो आतंकियों समेत तीन दहशतगर्दों को सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अलबदर के मॉड्यूल का भी भंडाफोड़ करते हुए सोपोर व वारपोरा पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमले का खुलासा किया है। 

बारामुला जिले में कई स्थानों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए ग्रेनेड हमले की लश्कर-ए-ताइबा की साजिश को नाकाम करते हुए संगठन के दो दहशतगर्दों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से ग्रेनेड बरामद किया गया है। 

पूछताछ में इन्होंने स्वीकार किया पाकिस्तान में बैठे लश्कर कमांडर पट्टन के अंदरगाम निवासी आबिद कयूम के निर्देश पर काम करते थे। पुलिस ने बताया कि ग्रेनेड हमले के इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने क्रालहार, पट्टन, क्रीरी बाजार व नाजीभट क्रासिंग पर नाका लगाया। दोपहर में नाजीभट क्रासिंग पार कर रहे दो लोगों को रुकने का इशारा किया गया तो वे भागने लगे। उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया गया। 

उन्होंने अपनी पहचान मोहम्मद यासीन भट (निवासी चेक टेपर) व वासिद अशरफ सोफी (वाटरगाम क्रीरी) के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उनके पास से ग्रेनेड बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि वे लश्कर के लिए काम करते हैं। 

वहीं पुलिस ने शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में आतंकी संगठन अलबदर के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। सोपोर पुलिस ने सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स और 179 सीआरपीएफ के साथ मिलकर अलबदर के एक आतंकी व दो मददगारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार ये आतंकी पुलिस स्टेशन सोपोर और पुलिस चौकी वारपोरा पर ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने में शामिल थे। 

सुरक्षाबलों ने बोनपोरा डांगरपोरा सोपोर के आतंकी इशफाक अहमद पंडित को उसके दो अन्य मददगारों सहित गिरफ्तार किया। मददगारों की शिनाख्त डांगरपोरा सोपोर के अब्दुल मजीद डार और मुबाशिर अहमद डार के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा पहले ही 30 अगस्त को मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। इसमें और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।