LAC पर हालात बेहद तनावपूर्ण, भारतीय सेना ने इस इलाके में मजबूत की अपनी स्थिति

चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर भारत जिस आक्रामक तरीके से जवाब दे रहा है, उसकी चीन को उम्मीद नहीं थी. लगातार मिल रही हार ने चीन के होश उड़ा दिए हैं. भारतीय सेना जिस तरह से हर बार चीनी सेना को शिकस्त दे रही है. LAC पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि भारतीय सेना ने चुशूल के इलाकों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है.

रक्षा मामलों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन पीक पर सेना ने कब्जा जमाया है उसके आस-पास कंटीले तार बिछाए गए हैं जिससे चीनी सेना को करीब आने से रोका जा सके. चीनी अधिकारियों के साथ पिछले दिनों हुई बैठक में ये बताया जा चुका है कि अगर चीन ने गलवान जैसी घटना दोबारा दोहराने की कोशिश की तो भारतीय सेना चुप नहीं बैठेगी.

सूत्रों ने यह भी कहा कि चीनी सैनिक LAC के पास जनरल एरिया में रॉड और नुकीले हथियारों के साथ कल भी देखे गए थे. चीनी सैनिक धारदार हथियारों के साथ LAC के कुछ पोस्ट पर मौजूद हैं. भारतीय सेना की करवाई से हैरान और परेशान चीन लगातर भारतीय इलाकों में घुसपैठ की साजिश रच रहा है.

हार ने चीन के उड़ाए होश
गलवान के बाद पैंगोंग का पराक्रम देखने के बावजूद चीन ने तीसरी बार दुस्साहस किया और भारत के जवानों ने फिर करारा जवाब दिया. रेज़ांग ला में 7 सितंबर की शाम क्या-क्या हुआ, चीन के विरुद्ध हिंद की सेना के शौर्य की पूरी कहानी जानिए:

पैंगोंग झील के दक्षिण छोर पर शेनपाओ पहाड़ी के पास एक इलाका रेजांग ला है. सूत्रों के मुताबिक, रेजांग ला के उत्तर में चीन के 25-50 सैनिक भारतीय क्षेत्र में बढ़ते हुए दिखाई दिए. भारतीय सेना पहले से मुस्तैद थी। भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ को रोकने के लिए हवा में फायरिंग की. गोली हवा में चली, और चीन डर गया. उसे याद आया, गलवान में क्या हुआ था, और फिर पैंगोंग में भारत का जवाब भी याद आने लगा. सूत्रों के मुताबिक, चेतावनी के बाद चीन के सैनिक वापस लौट गए. इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है.

दरअसल चीन को 15-16 जून की रात याद आई. भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में जब चीन के सैनिकों ने अतिक्रमण की कोशिश की थी और भारतीय सेना ने चीन के सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया. भारतीय सेना के जवाब में चीन के 45-50 सैनिक मारे गए. भारतीय सेना के 20 जवान देश की सीमा की रक्षा के लिए शहीद हो गए थे. चीन को डर इस बात का भी था कि कहीं 29-30 अगस्त की रात हिंदुस्तान के शूरवीरों के जिस शौर्य को चीन ने देखा था, कहीं उस शौर्य और पराक्रम से उसका सामना दोबारा न हो जाए. 29-30 अगस्त की रात पैंगोंग के ब्लैक टॉप पर भी चीन ने कब्ज़ा जमाने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय सैनिकों ने चीन के दुस्साहस को नाकाम कर दिया था और ब्लैक टॉप पर तिरंगा लहरा दिया था.

बताया गया कि वहां चीन के सर्विलांस सिस्टम और कैमरे भी लग चुके थे लेकिन इनसे बचते हुए भारत के जांबाज़ चोटी तक पहुंचे और अब भारतीय जवान ब्लैक टॉप पर ऊंचाई पर बैठे हैं. अक्सर चीन की सेना सर्दियों में घुसपैठ की साजिश रचती है, लेकिन गलवान से लेकर पैंगोंग तक भारत के पराक्रम के बाद अब चीन ऐसी हिमाकत करने से पहले 100 बार सोचेगा.