जम्मूः किराए-ब्याज में माफी को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने दी आंदोलन की धमकी, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

यात्री किराया समेत अन्य मांगों को लेकर पिछले करीब एक महीने से लड़ाई लड़ रहे जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टर अब फिर आंदोलन की राह पर चलने की धमकी दे रहे हैं. ट्रांसपोर्टरों ने प्रदेश सरकार की बेरुखी के चलते अब प्रशासन को गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया है.

यात्री किराए में 50 फीसदी बढ़ोतरी की मांग

यात्री किराये में 50 फीसदी की बढ़ोतरी समेत बैंक से लिए गए लोन के ब्याज की माफ़ी समेत कई अन्य मांगो को लेकर जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टरों और सरकार के बीच अब स्थिति टकराव तक पहुंच गयी है.

प्रदेश के 75000 से अधिक कमर्शियल वाहनों के मालिकों की संस्था ‘ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ ने बैठक की, जिसमें जम्मू के ट्रक, बस, ऑटो, मिनी बस और टैक्सी यूनियन के सदस्य शामिल थे.

सरकारी रवैये पर नाराज़गी जताते हुए इन ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि 3 जून को उन्होंने अपनी मांगो का ज्ञापन सरकार को सौंपा था जिसके बाद सरकार ने दस दिनों में उनकी मांगो पर फैसला लेने का भरोसा उन्हें जताया था.

2 सप्ताह बाद भी नहीं हुआ कोई फैसला

ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया है कि इस बैठक के दो सप्ताह बाद तक भी सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है जिसके चलते उन्हें मजबूरन अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा.

‘आल जेएंडके ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन’ ने यह एलान किया है कि अगर उनकी मांगो का निपटारा गुरूवार तक नहीं किया गया तो वो आंदोलन करेंगे. कोरोना संकट के बीच ट्रांसपोर्टरों की ये हड़ताल केंद्र शासित प्रदेश में आवश्यक सामानों की आपूर्ति में बाधा पहुंचा सकती है.