लॉकडाउन से खतरे में दुनियाभर के 8 करोड़ मासूम, नवजात बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम रुके

दुनिया में करीब दो अरब बच्चे इस वक्त भारी जोखिम हैं. कोरोना का जानलेवा वायरस इनके लिए खतरा तो है ही, साथ ही इसके जैसे दूसरे विषाणु भी बच्चों पर कभी भी घात लगा सकते हैं. WHO और UNICEF ने मिलकर चेतावनी दी है. विश्व के इन दो शीर्ष स्वास्थ्य संगठनों के मुताबिक कोरोना की वजह से बच्चों का टीकाकरण कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ है जो इनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

आपको बता दें कि छोटे बच्चों को hepatitis, typhoid, cholera, Japanese encephalitis, rabies, polio, measles, mumps and rubella, chickenpox, pneumonia और influenza जैसी महामारी से बचाने के लिए टीका दिया जाता है. लेकिन लॉकडाउन की वजह से इन बीमारियों का टीका बच्चों तक नहीं पहुंच रहा है.

WHO के मुताबिक इस वक्त कम से कम 68 देशों में नियमित टीकाकरण काफी हद तक बाधित है और इन देशों में 1 साल से कम आयु के लगभग 80 मिलियन बच्चों के प्रभावित होने की संभावना है.

WHO की मानें तो कोरोना की वजह से…

  • खसरा और पोलियो के खिलाफ टीकाकरण बुरी तरह से प्रभावित है
  • खसरा टीकाकरण अभियान 27 देशों में निलंबित कर दिया है
  • जबकि 38 देशों में पोलियो के टीकाकरण को होल्ड पर रखा गया है.

बता दें कि कोरोना वायरस का प्रकोप दुनियाभर में लगातार फैलता जा रहा है. दुनिया के 213 देशों में पिछले 24 घंटे में 107,706 नए कोरोना के मामले सामने आए और मरने वाले लोगों की संख्या में 5,245 का इजाफा हो गया. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, दुनियाभर में अब तक करीब 53 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 3 लाख 39 हजार 418 लोगों की मौत भी हो चुकी है. वहीं 21 लाख 56 हजार 288 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए हैं. दुनिया के करीब 75 फीसदी कोरोना के मामले सिर्फ 12 देशों से आए हैं. इन देशों में कोरोना पीड़ितों की संख्या 40 लाख है.