भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कायल हुआ अमेरिका, आतंकवादी खतरों को रोकने के लिए की तारीफ

अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2019 में अपनी सीमाओं के भीतर आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाने और रोकने के लिए निरंतर दबाव बनाया और इसकी सुरक्षा एजेंसियां खुफिया जानकारी और सूचना साझा करने में कुछ समय लेती है, इसके  बावजूद आतंकवादी खतरों को रोकने में कारगर है.

विदेश विभाग के जरिए जारी सालाना रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ आतंकवाद के बारे में देश की रिपोर्ट’ में कहा गया है कि 2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आतंकवादी हमलों का सामना किया. इसमें कहा गया है, ‘‘भारत सरकार ने अपनी सीमाओं के भीतर आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाने और बाधित करने के लिए निरंतर दबाव डालना जारी रखा.’’

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आतंकवादी हमलों की निंदा करते हुए कई बयान दिये और अमेरिका और समान विचारधारा वाले कई अन्य देशों के साथ सहयोग कर आतंकवाद के दोषियों को कानून के कटघरे में लाया गया.

आपको बता दें कि अमेरिका ने ये रिपोर्ट एक ऐसे समय में दी है जब भारत सरकार विपक्ष के निशाने पर है. गलवान घाटी में चीन सैनिकों की कार्रवाई में 20 भारतीय जवान की शहादत से देश में गुस्सा है और विपक्ष इसे लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है. भारत और चीन सीमा पर तनाव बना हुआ है.