जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों का कार्यकाल अब तीन साल का होगा

जम्मू विश्वविद्यालय और कश्मीर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलरों का कार्यकाल अब तीन साल का होगा। इन विश्वविद्यालयों के चांसलर अब राज्यपाल नहीं, बल्कि उपराज्यपाल (एलजी) होंगे। इन दोनों विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों का कार्यकाल पांच साल से घटाकर तीन साल कर दिया गया है। इसके लिए कश्मीर और जम्मू यूनिवर्सिटी एक्ट 1969 में संशोधन किया गया है। स्टेट की जगह अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर शब्द का इस्तेमाल होगा। प्रो-चांसलर की भूमिका समाप्त कर दी गई है। प्रो-चांसलर मुख्यमंत्री होते थे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन आदेश 2020 (राज्य कानूनों का अनुकूलन) जारी किया है। इनमें विश्वविद्यालयों के कानून में बदलाव किया गया है। श्रीनगर और जम्मू कलस्टर यूनिवर्सिटी एक्ट 3 आफ 2016 में भी बदलाव किया गया है। इन दोनों यूनिवर्सिटी के चांसलर भी अब मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि उपराज्यपाल होंगे। इन दोनों यूनिवर्सिटी के वीसी का कार्यकाल पांच साल की जगह तीन साल कर दिया गया है। इसके अलावा बाबा गुलाम शाह बड़शाह विश्वविद्यालय राजौरी के चांसलर अब मुख्यमंत्री नहीं उपराज्यपाल होंगे। इस्लामिक यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी, कश्मीर एक्ट नंबर 18 आफ 2005 में संशोधन किया गया है। इसके चांसलर भी अब मुख्यमंत्री नहीं, उपराज्यपाल होंगे।