कानपुर एनकाउंटर: 171 घंटों बाद ढेर हुआ विकास दुबे, चश्मदीदों ने सुनी थी गोली चलने की आवाज

उत्तर प्रदेश का कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार 10 जुलाई को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किए गए विकास दुबे को लेकर यूपी एसटीएफ की टीम कानपुर आ रही थी और रास्ते में गाड़ी खराब पलटने के बाद उसने भागने की कोशिश की जहां एनकाउंटर में वो मारा गया. वहीं इस दौरान इस इलाके में मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी थी.

उज्जैन में सरेंडर के बाद लेकर आई थी UP STF

3 जुलाई को कानपुर के बिकरू में दबिश देने गई पुलिस वालों की टीम पर घात लगाकर हमला कर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. इसके बाद से ही वो लगातार 6 दिन से फरार था और पुलिस की टीम उसकी तलाश के लिए कई जगह छापे मारे.

गुरुवार 9 जुलाई को उज्जैन के महाकार मंदिर के पास उसने सरेंडर किया था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद पुलिस ने विकास दुबे को यूपी एसटीएफ की टीम के हवाले कर दिया था, जिसे लेकर एसटीएफ की टीम कानपुर के लिए रवाना हुई थी.

पुलिसकर्मी की पिस्तौल लेकर की भागने की कोशिश

शुक्रवार 10 जुलाई की सुबह एसटीएफ की टीम कानपुर जिले में पहुंच गई थी और उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा था, लेकिन इसी बीच पुलिस की गाड़ी पलट गई. जानकारी के मुताबिक विकास ने पुलिसकर्मी से ही पिस्तौल छीनी और भागने की कोशिश की.

इस बीच स्थानीय लोगों ने वहां कुछ गोली बारी की आवाज सुनी और उसके बाद पता चला कि वहां एनकाउंटर हुआ है, जिसमें कानपुर का दुर्दांत अपराधी विकास पुलिस की गोली के निशाने पर आया था. जानकारी के मुताबिक उसकी कमर और सीने में गोली लगी थी और अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई.