दुनिया भर में कोरोना के 40 लाख 81 हजार से ज्यादा मामले, एक महीने बाद वुहान में एक नए केस की पुष्टि

दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 40 लाख 81 हज़ार से अधिक हो गए हैं। वहीं मरने वालों की संख्या 2 लाख 81 हज़ार को पार कर गई है। ब्रिटेन में संक्रमण के 2 लाख 20 हज़ार से अधिक मामले सामने आए हैं। यहां मरने वालों की संख्या 31,930 हो गई है। अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश है। यहां संक्रमण से अभी तक 79 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

चीन के वुहान शहर में एक महीने से भी ज़्यादा समय बाद संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। रूस में एक बार फिर दस हज़ार से अधिक मामले आए हैं। देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 209,688 हो गई है।

एक महीने बाद वुहान में पहला मामला

चीन के वुहान शहर से एक माह से अधिक वक़्त के बाद संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार 89 वर्षीय रोगी की हालत गंभीर है और उसमें पहले इस रोग के लक्षण नहीं देखे गए थे। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने संक्रमण के 14 नए मामलों को दर्ज किया है जिनमें वुहान का मामला भी शामिल है। चीन में अब तक संक्रमण के 83,994 मामले सामने आए हैं। वहाँ इससे 4,637लोगों की मौत हुई है।

अमेरिका में 80 हज़ार लोगों की मौत

अमेरिका में करीब 80 हज़ार लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है जिनमें से सबसे अधिक न्यूयॉर्क में हैं। व्हॉइट हाउस ने कोरोना संक्रमण की वजह से प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत देने की योजना को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स से कांग्रेस में बातचीत की अनौपचारिक शुरुआत की है। हालांकि वो यह चिंता भी जता रहे हैं कि केंद्र से आने वाला कोई भी पैसा अब शर्तों के साथ दिया जा सकता है।

अफ्रीका में तीन से चार करोड़ लोग हो सकते हैं संक्रमित: डब्ल्यूएचओ

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अफ्रीका में 83000 से एक लाख 90 हज़ार लोगों के एक साल में मरने की आशंका जताई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि यदि संक्रमण को रोका नहीं गया तो एक साल में यहां करीब तीन करोड़ से साढ़े चार करोड़ लोग संक्रमित हो सकते हैं।

ब्रिटेन में इस हफ्ते लॉकडाउन से राहत नहीं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन को लेकर भविष्य के रोडमैप का ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि एक नया कोविड अलर्ट सिस्टम इंग्लैंड में वायरस को ट्रैक करेगा। उन्होंने कहा कि “इस हफ्ते लॉकडाउन को समाप्त करने का समय नहीं है।” यदि कोई घर से काम नहीं कर सकता है तो अब उन्हें काम पर जाने के लिए “सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए” मगर सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से बचना चाहिए। बुधवार से इंग्लैंड में लोग व्यायाम के लिए जा सकते हैं और अपने स्थानीय पार्क में बैठ भी सकते हैं। मगर इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। स्कूल एक जून से खुल सकेंगे। प्राइमरी स्कूल पहले खुलेंगे। हवाई जहाज़ से देश में आने वाले लोगों को पहले 14 दिन क्वारंटीन में रखा जाएगा।

लॉकडाउन में ढील के बाद जर्मनी में बढ़ रहे मामले

जर्मनी में लॉकडाउन में ढील देने के महज़ एक दिन बाद ही संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के मुताबिक़, ढील दिए जाने के बाद से संक्रमण का री-प्रोडक्शन रेट बढ़ा है। संक्रमण के मामलों के लिहाज़ से जर्मनी दुनिया का 7वां सबसे अधिक प्रभावित देश है. जर्मनी में संक्रमण के कुल एक लाख 71 हज़ार से अधिक मामले हैं। जबकि मरने वालों की संख्या 7 हज़ार से अधिक है। इससे पहले शनिवार को हज़ारों की संख्या में लोग जुटे थे। इन लोगों की मांग थी कि लॉकडाउन को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने बुधवार को 16 राज्यों के नेताओं से बातचीत के बाद देशव्यापी लॉकडाउन में व्यापक छूट की घोषणा की थी।