अमेरिका बोला- अनुच्छेद 370 पर भारत के फैसले का समर्थन, लेकिन ऐसे सुलझे कश्मीर मुद्दा

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान ने दुनिया के हर मंच पर कश्मीर के मसले को उठाया। मगर, भारत के फैसले को किसी भी देश ने चुनौती नहीं दी और अब अमेरिका ने एक बार फिर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के भारत के फैसले का समर्थन किया है। ट्रंप ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि भारत के द्वारा जम्मू-कश्मीर पर लिए गए फैसला का वह समर्थन करते हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशिया डिपार्टमेंट की असिस्टेंट सेक्रेटरी एलिस वेल्स ने कहा कि भारत ने इसके पीछे तर्क दिया है कि इससे जम्मू-कश्मीर में विकास की रफ्तार बढ़ेगी, साथ ही कई कानूनों को लागू किया जा सकेगा।

हालांकि, अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों पर चिंता जताई। वेल्स ने कहा कि हम भारत के तर्कों का सम्मान करते हैं और फैसले का समर्थन करते हैं। हालांकि, हमें उम्मीद है कि कश्मीर में जो भी पाबंदियां लगी हैं, वे जल्द ही खत्म होंगी। उन्होंने कहा कि भारत को सभी फैसले मानवाधिकार के आधार पर लेने चाहिए, जल्द ही इंटरनेट और फोन सुविधा को जल्द शुरू करना चाहिए।

वेल्स ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति की एशिया, प्रशांत एवं निरस्त्रीकरण उपसमिति से कहा कि हमारा मानना है कि साल 1972 के शिमला समझौते के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत करना तनाव कम करने में सर्वाधिक कारगर हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इतिहास दर्शाता है कि क्या संभव हो सकता है। उपयोगी द्विपक्षीय वार्ता फिर से शुरू करने के लिए भरोसा कायम करने की जरूरत है और सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकवादी समूहों को पाकिस्तान का समर्थन देना इस वार्ता में मुख्य बाधा है।