पाकिस्तानी पायलटों ने ली राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग?, सवालों के घेरे में दसॉल्ट

जिस लड़ाकू विमान को लेकर भारत में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं, पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर सवालों की बौछार कर रहे हैं उसे लेकर हुए नए खुलासे ने लोगों को हैरान कर दिया है। एक रिपोर्ट्स के अनुसार फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन ने पाकिस्तानी पायलटों को राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग दी है। विशेषज्ञ इसे भारत के लिए खतरे के तौर पर देख रहे हैं।

विमानन क्षेत्र में कार्यरत ainonline ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि कतर के लिए नवंबर 2017 में जिन पायलटों को राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग दी गई उसमें पाकिस्तानी पायलट भी शामिल थे। फ्रांस के मॉन्ट-डे-मार्सान में 1 अक्टूबर 2017 को पहला कतर राफेल स्क्वाड्रन को स्थापित किया गया था।

एक भारतीय मीडिया हाऊस से बातचीत में दसॉल्ट ने कहा कि उन्हें फ्रांस में प्रशिक्षित पाकिस्तानी एक्सचेंज पायलटों की जानकारी नहीं है।

कतर को पहला राफेल लड़ाकू विमान 6 फरवरी को दसॉल्ट ने सौंपा। कतर ने मई 2015 में 24 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए दसॉल्ट से समझौता किया था। हालांकि उसने दिसंबर 2017 को 12 और लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया।

बता दें कि पाकिस्तानी सैन्य बल मध्य-पूर्व के कई देशों में एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कार्यरत हैं। जिसमें कतर भी शामिल है।