चीन और अमेरिका के बीच हुई व्यापार वार्ता, सुधरेगा व्यापारिक रिश्ता

चीन ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के साथ हुई हालिया व्यापार वार्ता बेहद गंभीर रही और इससे दोनों पक्षों की आपत्तियों को दूर करने का ठोस आधार तैयार हुआ। इससे पहले अमेरिकी पक्ष ने भी व्यापार वार्ता को सकारात्मक बताया था।

अमेरिका ने पिछले साल चीन के 250 अरब डालर के सामान के आयात पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था। इसके जवाब में चीन ने भी 110 अरब डालर के अमेरिकी सामान के आयात पर शुल्क बढ़ा दिया।

अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को बीजिंग पहुंचा था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के उनके समकक्ष शी चिनफिंग के बीच ट्रेड फी वार को तीन माह के लिये रोके  रखने पर सहमति बनी थी। इसके बाद अमेरिका और चीन के अधिकारियों की आमने सामने यह पहली बैठक हुई है।

दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच अर्जेंटीना में समूह-20 की बैठक के मौके पर एक दिसंबर को अलग से हुई बैठक में यह सहमति बनी थी।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को यह बैठक मंगलवार को समाप्त करनी थी, लेकिन उप-मंत्री स्तर की इस बातचीत को एक दिन आगे बढ़ाकर बुधवार तक कर दिया गया। अमेरिका के व्यापार और विदेशी कृषि मामलों के कनिष्ठ मंत्री टेड मैक्किनी ने बातचीत पर कहा यह वार्ता उनके लिए अच्छी रही।

इधर, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने अपने नेताओं की महत्वपूर्ण आपसी सहमति को आगे बढ़ाया और साझा दिक्कतों के व्यापारिक मुद्दों पर विस्तार से गंभीर और गहरी बातें हुई। मंत्रालय ने कहा कि एक-दूसरे की दिक्कतों को दूर करने के लिये ठोस आधार तैयार हुआ।

चीन के व्यापार का सबसे बड़ा पार्टनर है अमेरिका
अमेरिका चीन का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। वर्ष 2017 में अमेरिका का चीन के साथ कुल व्यापार 635.4 अरब अमेरिकी डालर का रहा था। इसमें अमेरिका से निर्यात 129.9 अरब डालर और चीन से किया गया आयात 505.5 अरब डालर रहा। इस प्रकार 2017 में अमेरिका का चीन के साथ वस्तु व्यापार घाटा 375.6 अरब डालर रहा। चीन के साथ सेवाओं के व्यापार के मामले में अमेरिका का 40.2 अरब डालर का व्यापार अधिशेष है।