वायुसेना की एयर स्ट्राइक में मारे गए थे 200 आतंकी? सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक में जैश के ठिकानों को तबाह करने से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी मारे गए आतंकियों के मातम में डूबे उनके परिवारों को दिलासा देते दिखाई दे रहे है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी कुछ लोगों के बीच बैठे दिखाई दे रहे है. इस बीच ये लोग पाक सेना के अधिकारियों को बता रह रहे हैं कि कैसे उनके बीच दहशत है. सोशल मीडिया दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो उस इलाके का है जहां भारतीय वायुसेना के विमानों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी.

वीडियो में पाक सेना के जवान ये कहता दिख रहे हैं ‘कल के हमले में 200 लोग शहीद हुए है.’ हालांकि ज़ी न्यूज इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

इस वीडियों पाकिस्तानी सेना के अधिकारी गांव वालों से ये कहते दिख रहे हैं. ‘अब हम सबका इमान है कि जो हकूमते वक्त के साथ खड़ा होकर लड़ाई करता है वो जिहाद है.’ इसके बाद वीडियो में एक आदमी पाक सेना के अधिकारी को एक रोता हुआ बच्चा गोद में देता है. पाक सेना का अधिकारी उस बच्चे को चुप कराता हुआ दिलासा देता है. इसके बाद वीडियो में एक आवाज आती है. ‘ये रुत्बा अल्लाह के कुछ खास बंदों को नसीब होता है. हर किसी को नसीब नहीं होता. आपको पता है कल 200 बंदा ऊपर गया था. इसका नसीब में लिखा हुआ था शहादत, हमारे नसीब में नहीं लिखा हुआ था. हम रोजाना चढ़ते हैं, जाते है, आते हैं. ये उसी को नसीब होती है जिसपर अल्लाह की नजरें करम होती है.’

2 मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में आगे ये आवाज आ रही है. ‘तम्हारा वालीद मरा नहीं है, जिंदा…शहीद को मरा हुआ नहीं बोलते’

जब वायुसेना ने एलओसी पारकर पीओके के 80 किमी भीतर बालाकोट में हमला किया तो सूत्रों के मुताबिक वहां जैश-ए-मोहम्‍मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर का करीबी रिश्‍तेदार यूसुफ अजहर भी मौजूद था. कहा जा रहा है कि इस हमले में वह भी मारा गया. यूसुफ अजहर इंटरपोल के वांछित अपराधियों की सूची में है. कराची में जन्‍मे यूसुफ पर अपहरण, हाइजैकिंग और हत्‍या समेत कई मामले चल रहे हैं.

भारत द्वारा यह हवाई हमला जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के 12 दिन बाद किया गया है. पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 40 जवान शहीद हुए थे.